क्या बदला
European Commission ने सुदूरतम क्षेत्रों के लिए नई रणनीति की घोषणा की। यह रणनीति और साथ आया नियामक पैकेज सुदूरतम क्षेत्रों और संबंधित सदस्य देशों के साथ मिलकर तैयार किया गया, ऐसा एक रिपोर्ट में बताया गया है। रणनीति चार स्पष्ट उद्देश्यों पर बनी है, जिनमें भू-रणनीतिक क्षमता और क्षेत्रीय एकीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता और सिंगल मार्केट तक बेहतर पहुंच, लचीलापन और तैयारी, तथा सामाजिक निष्पक्षता शामिल है।

Highlights
- यूरोपीय संघ के नौ सुदूरतम क्षेत्रों में पांच मिलियन से अधिक लोग रहते हैं।
- इन क्षेत्रों के समुद्री क्षेत्र यूरोपीय संघ के कुल विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के आधे से अधिक हिस्से को कवर करते हैं।
- रणनीति चार स्पष्ट उद्देश्यों पर आधारित है — भू-रणनीतिक क्षमता व क्षेत्रीय एकीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता व सिंगल मार्केट पहुंच, लचीलापन व तैयारी, तथा सामाजिक निष्पक्षता।
- नियामक पैकेज में कराधान, वनोन्मूलन नियम, कृषि, मत्स्यपालन तथा प्रवासन और शरण से जुड़े क्षेत्रों में लक्षित अनुकूलन और छूट शामिल हैं।
- यूरोपीय संघ की संधि का अनुच्छेद 349 संघ को इन क्षेत्रों की विशेष वास्तविकताओं के अनुसार नियम अनुकूलित करने की अनुमति देता है।
कौन प्रभावित होगा
यूरोपीय संघ के नौ सुदूरतम क्षेत्रों में पांच मिलियन से अधिक लोग रहते हैं। ये क्षेत्र दक्षिण अमेरिका, कैरिबियन, तथा अटलांटिक और हिंद महासागर में स्थित हैं, महाद्वीपीय यूरोप से हजारों किलोमीटर दूर। अज़ोरेस और मदेइरा पुर्तगाल का हिस्सा हैं, जबकि कैनरी द्वीपसमूह स्पेन का हिस्सा है। फ्रेंच गुयाना, ग्वाडेलूप, मार्टिनीक, मायोट, ला रीयूनियन और सेंट-मार्टिन फ्रांस के अधीन आते हैं। इन क्षेत्रों के समुद्री क्षेत्र यूरोपीय संघ के कुल विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के आधे से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। फ्रेंच गुयाना में स्थित कोउरू को यूरोप के अंतरिक्ष कार्यक्रम का मुख्य प्रवेश द्वार बताया गया है।
नियामक ढांचा
यूरोपीय संघ की संधि का अनुच्छेद 349 संघ को इन क्षेत्रों की विशेष वास्तविकताओं और सीमाओं के अनुसार अपने नियमों को अनुकूलित करने की अनुमति देता है। इसी आधार पर तैयार पैकेज में कराधान, वनोन्मूलन नियम, कृषि, मत्स्यपालन तथा प्रवासन और शरण से जुड़े क्षेत्रों में लक्षित अनुकूलन, छूट और अपवाद शामिल किए गए हैं।
आगे क्या देखें
Commission ने यह रणनीति ब्रसेल्स में क्षेत्रों के प्रतिनिधियों, सदस्य देशों और अन्य हितधारकों को साथ लाने वाले एक आयोजन में प्रस्तुत की, एक रिपोर्ट के अनुसार। उसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह रणनीति सार्वजनिक परामर्श के माध्यम से मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है।

